इमाम हुसैन अ. के चेहलुम के इस पवित्र सफ़र में बच्चे और बूढ़ों के बीच कोई अंतर दिखाई नहीं देता है हर एक इस रास्ते पर शौक़ से बढ़ता चला आ रहा है।

10 दिसंबर 2014 - 11:41